पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल आज समाप्त, ममता के इस्तीफ़े पर बढ़ा राजनीतिक विवाद

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो रहा है, लेकिन चुनाव में हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया है। ऐसे में राज्य में संवैधानिक और राजनीतिक टकराव की स्थिति बनने की चर्चा तेज हो गई है।
विधानसभा चुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के एक प्रवक्ता के अनुसार नई सरकार शनिवार को शपथ ले सकती है। इसी बीच ममता बनर्जी के इस्तीफ़ा न देने को लेकर कई संवैधानिक सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने टेलीग्राफ ऑनलाइन से बातचीत में कहा कि ऐसी असाधारण स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा मांग सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा देने से इनकार करती हैं, तो राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के विफल होने का हवाला देकर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं।
कुरैशी के मुताबिक, विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन को भंग करना अनिवार्य होगा और एक समय में दो मुख्यमंत्री नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में, भले ही कुछ समय के लिए ही सही, राष्ट्रपति शासन लागू होना सबसे संभावित विकल्प बन सकता है।


